घर में घुसकर हत्या व लूट करने वाले दो आरोपियों को आजीवन कारावास,घर में मृत मिला था डेयरी संचालक…
सेशन जज जांजगीर मान. श्री जयदीप गर्ग ने सुनाया फैसला, हत्या-लूट और घर में घुसने के अपराध में कठोर सजा
19 गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य बने अहम कड़ी
जिले के थाना चांपा क्षेत्र का मामला घर में घुसकर वृद्ध की हत्या कर सोने-चांदी के आभूषण लूटने के मामले में माननीय सेशन जज जांजगीर श्री जयदीप गर्ग ने दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी दीपक यादव एवं मिर्जा शाहिद बेग को भा.दं.वि. की धारा 302/34 एवं 397 के तहत आजीवन कारावास तथा ₹10-10 हजार अर्थदंड से दंडित किया है।

घर में मृत मिला था डेयरी संचालक
दिनांक 26 जून 2024 की रात सूचना मिली कि शंकर नगर चांपा निवासी छोटेलाल पांडेय अपने घर में मृत अवस्था में पड़े हैं। घटनास्थल पर वायर के टुकड़े मिले तथा घर की अलमारी टूटी हुई थी। मामले में मर्ग जांच के बाद थाना चांपा में धारा 450, 302 एवं 382 भा.दं.वि. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की गई।
19 गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य बने अहम कड़ी
पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाहों के बयान कराए गए। घटनास्थल से बरामद वायर के टुकड़े और आरोपी दीपक यादव से बरामद वायर के टुकड़ों के अभिन्न होने संबंधी साक्ष्य ने अभियोजन की परिस्थितिजन्य साक्ष्य की कड़ी को मजबूत किया।
न्यायालय ने माना—सभी साक्ष्य निर्णायक रूप से जुड़े
न्यायालय ने साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियां एक-दूसरे से निर्णायक रूप से जुड़ रही हैं और अभियुक्तों द्वारा मिलकर घर में घुसकर छोटेलाल पांडेय की हत्या तथा सोने-चांदी के आभूषणों की लूट किया जाना संदेह से परे प्रमाणित हुआ है।
दोनों आरोपियों को कठोर सजा
न्यायालय ने आरोपी दीपक यादव पिता एकादशिया यादव, उम्र 30 वर्ष एवं मिर्जा शाहिद बेग पिता स्व. मिर्जा सालिम बेग, उम्र 26 वर्ष को धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड तथा धारा 397 के तहत आजीवन कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड से दंडित किया।
इसके अलावा धारा 450 भा.दं.वि. के तहत दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक सजा के लिए 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन की ओर से प्रकरण में लोक अभियोजक श्री संदीप सिंह बनाफर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।










