प्रकाश इंडस्ट्रीज चांपा की जनदर्शन में हुई शिकायत, 15 दिवस के भीतर सभी दस्तावेज के साथ जांच की मांग…
चांपा शहर का प्रकाश इंडस्ट्रीज सन 1980 में बना था । जो कि स्टील और पावर प्लांट दोनों के लिए मशहूर है । इसके साथ साथ हादसों को लेकर भी यह प्लांट खूब सुर्खियां बटोर चुका है । इस इंडस्ट्री के जनरल मैनेजर तक हादसों से अछूते नहीं रहे हैं । साथ ही हथनेवरा गांव से लगा होने के कारण बहुत सा सरकारी लाभ इस प्लांट को मिलता रहा है ।

इस प्लांट से निकलने वाले स्लैग राखड़ को आसपास के सारे क्षेत्रों में बिना किसी भूमि जांच के भूमिगत कर दिया जाता है । जिससे उस जमीन से लगे हुए खेतों की उपजाऊपन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है ।

प्लांट के सभी यूनिटों के मशीनों के रखरखाव जांच और वैधता संबंधी दस्तावेज की मांग पर्यावरण प्रेमी और समाचार के संपादक विकास तिवारी ने कलेक्टर जांजगीर चांपा के जनदर्शन में की है । इसके साथ साथ जमीन जहां स्लैग डंप हुआ है उसकी रिपोर्ट आने तक स्लैग को बैन किया जाना चाहिए ।
15 दिवस के भीतर मीडिया के सामने, अधिकारी और इंजीनियर इस प्लांट की जांच करें । इस प्रकाश इंडस्ट्रीज के लापरवाही से अब तक सैकड़ों मजदूरों को जान से हाथ धोना पड़ा है साथ ही हसदेव नदी भी प्रदूषित हो रही । इस प्लांट की आगे की शिकायत और धरना प्रदर्शन की कार्यवाही की जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।

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