10 हज़ार का रावण लेकिन खर्च 20 लाख,चांपा दशहरा उत्सव समिति जनता पर डालती अतिरिक्त बोझ…
चांपा शहर के भालेराय मैदान में हर साल रावण दहन का कार्यक्रम किया जाता है लेकिन इसके पीछे समिति के सदस्य लाखों खर्च कर देते हैं लेकिन इसका भार आम आदमी के ऊपर पड़ता है। वहीं इस मैदान में एक मंच पहले से था लेकिन रातों रात बिना टेंडर एक और मंच बना दिया गया था । जनता के लिए भले इस मैदान में शुद्ध जल की व्यवस्था पर कोई ध्यान न दे लेकिन इस मैदान के नाम पर लाखों खर्च हो जाते है।


समिति द्वारा जनता को न तो हिसाब दिया जाता है और न ही टैक्स । मुफ़्त का चंदन घिस मेरे नंदन वाली कहावत चांपा दशहरा उत्सव समिति पर खरा उतरती है । सिर्फ चंद व्यक्ति मंच पर आसीन होकर चांपा का लाखों रुपए हवा में उड़ा देते हैं लेकिन मैदान की बुनियादी सुविधा पर ध्यान नहीं दिया जाता। आसपास कई हॉस्पिटल,मेडिकल और स्कूल होने से ऐसे कार्यक्रम को शहर के बीच आयोजित करना सर्वथा अनुचित है । किसी इमरजेंसी में आवागमन पर प्रशासन को ध्यान दिया जाना चाहिए और अगले बार अन्यत्र स्थल चयन पर ध्यान देना चाहिए।













